Thursday, April 16, 2009

ना भूलनेवाली बात-३

पिछले पोस्ट में अपने पढ़ा कि कैसे मै मुज़फ्फरपुर से आकर यहाँ पत्रकारिता में प्रवेश लिया. प्रवेश के साथ ही दिल्ली मै दोहरी जिन्दगी जीने लगा. एक युनिवेर्सिटी का तो दूसरा दूसरा दिल्ली में रहने के लिए के लिए आर्थिक संघर्षो का. दोनों ही जिन्दगी मै साथ साथ जी रहा था इसलिए दोनों साथ साथ लिखना ठीक रहेगा. प्रवेश के बाद पहला लक्ष्य था किसी तरह पार्ट टाइम जॉब पाने का....आगे की कहानी अगले पोस्ट में...