इसे रोकना होगा
कुछ दिनों पहले लातेहार के चंदवा में बाल विवाह का मामला सामने आया। कितने दुख की बात है अब भी झारखंड अपने सामाजिक पिछड़ेपन के त्रास से निकल पाने में अक्षम है। यह भी सुनने में आया है कि नक्सली खौफ के कारण लोग बाल विवाह को प्रेरित होते हैं। बाल मन में जब ऊंचाई छूने, कुछ दिखाने का जज्बा होता है, वहां गृहस्थी की सोच जबरन लादना अच्छी बात नहीं। इस लकीर को हटाना होगा, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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