बदल रहा बिहार
बिहार व बिहारी की अवधारणा व सोच के मायने वे लोग अधिक जानते होंगे, जो अपने प्रदेश को छोड़ अन्य प्रदेशों में जा बसे हैं। लंबे समय तक अपने प्रदेश को छोड़ बाहर रहते हुए हम आपस में चर्चा करते हैं, कब बिहार व बिहारी अवधारणा में बदलाव आयेगा। कब हम व्यावहारिक सोच के साथ अपने गांव लौटने की इच्छा रखेंगे। ऐसी चर्चाएं पहले भी करते थे, पर एक निराशा के साथ। लेकिन, आज जब हम चर्चा करते हैं, तो लगता है वह दिन अब वास्तव में करीब है।
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