रांची : कदमों की थिरकन के दर्शन से रुक जाता है उड़ता मन। नैनों के भाव बांध देते हैं समां। ऐसा प्रतीत होता है, मानो आंगिक भाव-भगिंमा के आसमां में जुबां खोल रही है कोई दास्तां। यही है शस्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम की विशेषता। नृत्य की इस परंपरा को निभा रहीं हैं उदयाशीश नृत्य ग्रुप की संचालिका अमृता नंदी। अपने माता-पिता से मिली शिक्षा को बच्चों का रचनात्मक संस्कार बना रही हैं। कहती हैं- नृत्य की बारीकियों को सीखने की तमन्ना की जरूरत है। महसूस करने की आवश्यकता है।
इस ग्रुप में उरबी चंदा, अपराजिता गुप्ता, पालोमी मुखर्जी, शिल्पा चेल, हिमाद्रि शेखर उंडु, स्मिता सेन, दृष्टि शर्मा और ऋषिका श्री हैं। भरतनाट्यम का पूरा कोर्स सात सालों का है। ग्रुप के सदस्यों का मन नृत्य में ही रमा होता है।
ग्रुप के सदस्यों ने कई अच्छे प्रतिष्ठित कार्यक्रमों में ही अपना प्रदर्शन किया है। जहां भरतनाट्यम की कद्र हो, वहीं वे प्रदर्शन करना पंसद करती हैं। ग्रुप ने ऑल इंडिया लेवल फूड फेस्ट में अशोका होटल में अपना प्रदर्शन किया है। ताजा टीवी के जिप-जैक-जूम कार्यक्रम में भी बच्चों ने प्रदर्शन कर सफलता हासिल की। इंडियन पीपुल्स थियेटर के अंतर्गत इस ग्रुप ने पटना, धनबाद और हैदराबाद में भी अपना जलवा दिखाया है। ग्रुप ने दीना पाठक, फारूख शेख, ओमपुरी व एके हंगल जैसी हस्तियों के सामने भी अपना नृत्य प्रस्तुत किया है। बंगाली सोसाइटी की नृत्य प्रतियोगिताओं और दुर्गापूजा के महालया में भी सदस्य अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रही हैं। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस संबंधी कार्यक्रम में यह ग्रुप भाग लेता रहा है। सोनपरी डांस प्रतियोगिता में स्मिता और दृष्टि ने सफलता प्राप्त की थी।
1 comment:
बहुत बढ़िया ,बधाई !
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