Thursday, July 31, 2008

13 दिनों से चल रही ड्रामेबाजी का हुआ अंत

संसद में विश्वासमत हासिल करने के बाद सरकार बचाने के लिए चली आ रही 13 दिनों की ड्रामेबाजी का अंत हो गयाण
संजय कुमार
byline
नयी दिल्ली : दो दिनों की बहस के बाद यूपीए सरकार लोकसा में विश्वास मत हासिल करने में सफल रहीण् लोकसा में लोकतंत्र को लज्जित करनेवाली घटनाओं के लिए याद रहनेवाला मंगलवार का दिन सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में किसी प्रधानमंत्री के लिखित जवाब के लिए ी जाना जायेगाण् डॉ मनमोहन Çसह दो दिन की चर्चा समाप्त होने के बाद विपक्ष के हंगामे के कारण बहस का जवाब नहंÈ दे सकेण्
इसके बाद उन्होंने जवाब देने की औपचारिता निाते हुए अपना लिखित ाषण सदन पटल पर रख दिया और स्पीकर ने विश्वास प्रस्ताव पर शक्ति परीक्षण की प्रक्रिया के पहले चरण में ध्वनिमत कराने की घोषणा कर दीण् इससे पहले सदन में बीएसपी सांसदों ने यह आरोप लगा कर सनसनी पैदा कर दी कि सत्तापक्ष ने उनपर सरकार के पक्ष में वोट डालने के लिए दबाव बनाने के इरादे से उनके घर सीबीआइ के अधिकारी ेजे थेण् अी हंगामें के बाद सदन की कार्यवाही शुरू ही हुई थी कि ाजपा के सांसद अशोक अर्गल द्वारा सदन पटल पर एक करोड़ रुपये के नोटों की गिड्डयां रखे जाने के बाद तो सदन का आगे चलना मुश्किल हो गयाण्
ड्रामेबाजी में खास :
ं अपनी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने आइएइए जाने की घोषणा कर दीण् इससे वामपंथी ड़क गये और आठ जुलाई को समर्थन वापसी की घोषणा कर दीण्
ं कुछ समय बाद ही सपा अध्यक्ष मुलायम Çसह यादव ने परमाणु करार का समर्थन करते हुए परमाणु मुद्दे पर संसद में सरकार को बचाने का ऐलान कर दियाण् कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर सपा महासचिव अमर Çसह ने सपा संसदीय दल के प्रस्ताव से उन्हें अवगत कराते हुए आश्वस्त किया कि लोकसा में समाजवादी पार्टी का हर सांसद सरकार के पक्ष में वोट करेगाण्
ं समर्थन वापसी की वामदलों की धमकी के बाद से ही यूपीए सरकार के सियासी प्रबंधकों और कांग्रेस के रणनीतिकारों ने नये सहारे की तलाश शुरू कर दी थीण् सपा के साथ बातचीत पôी होने के बाद ही प्रधानमंत्री मनमोहन Çसह जी आठ की बैठक में ाग लेने के लिए जापान रवाना हुएण्
ं चार साल से सरकार को अपने समर्थन पर टिकाये रखनेवाले वामदलों द्वारा समर्थन वापसी के बाद सरकार बचाने और गिराने का खेल शुरू हो गयाण् विदेश मंत्री प्रणव मुखजÊ ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की प्रस्तावित 28 जुलाई की बैठक में वियेना जाने से पहले सरकार लोकसा में विश्वासमत प्राप्त करेगी, राजनीतिक दलों में सांसदों के अंकगणित को बदलने की कवायद शुरू हो गयीण्
ं सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में स्थिति की समीक्षा की गयीण् लोकसा में अंकगणित का हिसाब लगाया गयाण् मुलायम Çसह, अजित Çसह और देवेगौड़ा के साथ-साथ टीआरएस के चंद्रशेखर राव, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनजÊ, एमडीएमके नेता वाइको, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी नेताओं के साथ-साथ एमएनएफ और निर्दलीय सांसदों को जोड़ने की कवायद शुरू हो गयीण्
ं लेट द्वारा यूपीए से समर्थन वापस लेने के बाद लाल—ष्ण आडवाणी के घर पर ाजपा के बड़े नेताओं की इमरजेंसी मीÇटग हुईण् इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गयीण्
ं सरकार को बचाने के लिए जहां सपा ने कांग्रेस से हाथ मिलाया, तो उधर वामदलों ने सरकार को संसद में पठखनी देने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ जुगलबंदी कर लीण् जिस सपा को बसपा के टूटने की उम्मीद थी, उसने सपा के घर में ही सेंध लगा दीण् सपा सांसद शाहिद सिद्दकी को अपने पाले में करते हुए उसने एक और कामयाबी बटोरीण् मायावती और वामदल के खेमे में यूएनपीए के घटक दल तेलगू देशम पार्टी, असम गण परिषद, इंडियन नैशनल लोकदल और झारखंड विकास पार्टी शामिल हो गयेण् कई पार्टियों ने मायावती को प्रधानमंत्री के रूप में ी प्रोजेक्ट करने की बात कह डालीण्
ं यूपीए के लिए आंकड़े जुटाने में सबसे ज्यादा रुलाया झामुमो नेण् ऐसे समय जब यूपीए को आंकड़ों की दरकार थी, झामुमो नेता शिबू सोरेन सरकार से नाक ौ सिकोड़ रहे थेण् जिस मुद्दे पर सरकार से समर्थन वापस लिया, उस मुद्दे से झामुमो का कोई सरोकार नहÈ रहा, उसका सारा ध्येय मौके की नजाकत देख अपनी 15 सुत्री मांगें मनवाना थाण् इसमें कैबिनेट मंत्री समेत कई मांग रखÈ गयीण् आखिरकार शिबु सोरेन सोनिया गंाधी के साथ एक घंटे की बैठक के बाद पत्रकारों के सामने खुलकर यूपीए के समर्थन में बोलते नजर आयेण्

ं छोटे चौधरी यानी अजीत Çसह सियासी पाला बदलने में उस्ताद माने जाते हैंण् की एनडीए में, की यूएनपीए तो की कांग्रेस के साथण् आम चुनाव में कांग्रेस और सपा का साथ मिलेगा, ती अजीत Çसह की चुनावी नैया पार हो पायेगीण् यही सोच उन्हें यूपीए की तरफ खÈच रहा थाण् यूपीए में शामिल होने की उनकी शर्त थी कि लखनऊ हवाई अड्डा का नाम चरण Çसह रख दिया जायेण् सरकार ने उनकी तमéा पूरी ी कर दीण् लेकिन ऐन वक्त छोटे चौधरी ने धोखा दे दियाण् मायावती से मिलने के बाद उनके तेवर बदल गयेण्
ं केरल के जनतादल(एस) सांसद विरेंद्र कुमार पार्टी के लाइन पर लौटने की घोषणा कर दी हैण् गौरतलब है कि वह पहले सरकार के खिलाफ वोट देने की बात कर रहे थेण् देवगौड़ा ी मायावती के पक्ष में चले गयेण्
ं सोमनाथ चटजÊ के लोकसा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की अटकलें ी अंत-अंत तक चलती रहीण् सीपीएम द्वारा राष्ट्रपति को सौंपे गये समर्थन वापसी पत्र में सोमनाथ दा का नाम शामिल करने पर जमकर बवाल हुआण् अंत में सीपीएम ने सोमनाथ को पार्टी लाइन से अलग रहने की बात कहीण्
ं सांसदों की खरीद-बिक्री को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर ी खास चर्चा का विषय बनाण् सीपीआइ महासचिव ने यूपीए पर 25-25 करोड़ में सांसदों की खरीद का आरोप लगायाण् जानकारों के मुताबिक पहले ी सरकार बचाने या गिराने के लिए सांसदों की खरीद-फरोख्त की बातें हो थीण् लेकिन ये बातें परदे के पीछे ही रहती थी, जबकि इस बार खरीद फरोख्त की बात को सार्वजनिक मंच पर उछाल कर नेताओं ने इसे पुख्ता करार दिया हैण् साथ ही अवसरवादी राजनीति और नैतिक गिरावट को लेकर ी खूब चर्चाएं रहÈण्
ं राजनीतिक दलों के कारपोरेट जगत के साथ संबंध ी इस बार खास चर्चा में रहेण् खासकर अपने घरेलू विवाद को लेकर मुकेश अंबानी का पीएम से मिलना, इस विवाद को हवा देने में काम आयाण्

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